Friday, January 29, 2010

देशप्रेम

दॉंतों में करो ब्रुश कोलगेट का
नहाओ शॉवर में लक्‍स से
नाश्‍ता करो केलगस का
ले जाओ अंकल चिप्‍स स्‍कूल।
पढ़ो जर्मन और फ्रेंच
लिखो रेनोल्‍ड से
बोलो अंग्रेजी टूटी-फूटी
देखो शाम को एम. टी. वी.
पीओ पेस्‍टीकोला और बिसलेरी
और सो जाओ
गटककर पैकेट का दूध
सपने भी दिखेंगे – विदेशी
फिर भी कहना गर्व से -
हम भारतीय हैं,
मेरा भारत महान !

1 comment:

  1. Your every piece of poetry is a school of thoughts.

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