Sunday, January 3, 2010

कैसी आजादी

कैसी आजादी

है- भाषा की गुलामी

साहब की गुलामी

जोरू की गुलामी

मन की गुलामी

कहॉं है गुलामी

है- किसी को भी गाली बकने की आजादी

सड़क पर खड़े होकर मूतने की आजादी

आवारा बेकार घूमने की आजादी

दंगों में घर जलाने की आजादी

कैसी आजादी

है- हर जगह क्‍यू की गुलामी

बाजार में महँगाई की गुलामी

कोर्ट के चक्‍करों की गुलामी

थाने की दहशत की गुलामी

कहॉं है गुलामी

है- कार और मोबाइल चुनने की आजादी

खुलेआम रिश्‍वत लेने की आजादी

मैच में सट्टा लगाने की आजादी

कैसी आजादी

है- सरकारी बाबुओं की फाइलों की गुलामी

आश्रम में गुरूओं की गुलामी

भीड़रैली में नेताओं की गुलामी

डाक्‍टर की फीस की गुलामी

कहॉं है गुलामी

है- बोतल का पानी पीने की आजादी

पिज्‍जा खाने की आजादी

सरकारी दुकान की दारू पीने की आजादी

वैधानिक चेतावनी के बावजूद:

गुटका खाने और सिगरेट का धुऑं उड़ाने की आजादी

संत का चोंगा पहनकर प्रवचन देने की आजादी

डोनेशन देकर मैनेजमेंट-कोटा से सीट पाने की आजादी

बेहिसाब मुनाफा कमाने की आजादी

अखबार में नंगी तस्‍वीरें छापने की आजादी

बच्‍चे पैदा करने की आजादी

कैसी आजादी

है- सोच की गुलामी, विचार की गुलामी

दिमाग की गुलामी, बाजार की गुलामी


3 comments:

  1. बढ़िया प्रस्तुति पर हार्दिक बधाई.
    ढेर सारी शुभकामनायें.

    संजय कुमार
    हरियाणा
    http://sanjaybhaskar.blogspot.com
    Email- sanjay.kumar940@gmail.com

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  2. दि‍ल की बात जुबां पर आयी, लोगों ने मुझको दि‍वाना कहा
    इक दूजे से कहा चोरी चोरी, लोगों ने यूं सारा फसाना कहा

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