Thursday, January 7, 2010

राइट टू वर्क

ठेकेदार के हाथ में डंडा
अफसर के हाथ में कलम
और उनके हाथ में हैं पैनीं दरांतियां
जो निकली हैं झुंड में
कालोनी की घास
काटने के मिशन ( काम ) पर
उन मेहनती और गरीब
घसियारन बहनों से
चिल्‍लाकर कहने को मन होता है-
काट डालो गले उन सबके
जो देते नहीं दिहाड़ी तुम्‍हें पूरी या वक्‍त पर
और ताड़ते हैं तुम्‍हें गलत नजरों से
विडम्‍बना यही है-
राजा - एक - होता है
शासन करते हुए
खाट तोड़ने के लिए
प्रजा-अनेक –
शोषित होने और खटने के लिए

1 comment:

  1. बहुत ही अच्‍छी कविता लिखी है
    आपने काबिलेतारीफ बेहतरीन

    Sanjay kumar
    HARYANA
    http://sanjaybhaskar.blogspot.com

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