Tuesday, January 3, 2012

खुशनुमा नया कान

नये साल पर
आया मुझे संदेशा
दीपावली की शुभकामना का -
फारवर्ड और मेल- लिस्‍ट के
इस गतिमय युग में
किसे फुरसत है
यह देखने की कि
किसको भेज रहें हैं
मैसेज और क्‍यूं !
वही कापी बारम्‍बार
पढ़ कर हो गया बोर
भूल जाता मैं नाम देखकर
अपना मैसेज भेजा था उसे
या अब जवाब लिखना है ,
बजता रहा टूं- टूं
वो खिलौना
देर रात तक -
उसे चुप कराकर
मैं सो तो गया
फिर भी मुआ
वो कांपता रहा
रजाई में -
शायद
31 दिसम्‍बर की
ठंड से ।
हैप्‍पी न्‍यू ईअर !

2 comments:

  1. नव वर्ष पर सार्थक रचना
    आप को भी सपरिवार नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनायें !

    शुभकामनओं के साथ
    संजय भास्कर

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  2. शब्द शब्द बेजोड़...बधाई

    नीरज

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